महिला सुरक्षा बल की कमी, खदानों में बढ़ रही महिलाओं-बच्चों की आवाजाही

महिला सुरक्षा बल की कमी, खदानों में बढ़ रही महिलाओं-बच्चों की आवाजाही

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जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता सांकतोड़िया : ईसीएल की खदानों में कोयला चोरी और अनधिकृत प्रवेश पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत किए जाने के बावजूद एक अलग तरह की चुनौती सामने आ रही है। प्रबंधन के अनुसार, खदान क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों के प्रवेश का फायदा उठाकर कोयला लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ईसीएल सिक्योरिटी और सीआईएसएफ की तैनाती के बावजूद पर्याप्त संख्या में महिला सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता नहीं होने से ऐसे मामलों में कार्रवाई करना मुश्किल हो रहा है। प्रबंधन का कहना है कि खदानों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी की जा रही है। इसके बावजूद जब महिलाओं और बच्चों के समूह खदान क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो सुरक्षा कर्मियों के सामने अलग तरह की परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। महिला बल की कमी बनी बड़ी चुनौती प्रबंधन के अनुसार, खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए महिला सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त संख्या बेहद जरूरी है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां महिलाओं की ओर से अनधिकृत प्रवेश की घटनाएं सामने आती हैं, वहां महिला बल की मौजूदगी से सुरक्षा टीम को कार्रवाई में सुविधा हो सकती है। वर्तमान में पर्याप्त महिला बल उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। बच्चों को भी बनाया जा रहा माध्यम प्रबंधन के अनुसार, केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि बच्चे भी कई बार खदान क्षेत्र में प्रवेश करते दिखाई देते हैं। बच्चों की मौजूदगी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा करती है। सुरक्षा कर्मियों के सामने एक ओर खदान क्षेत्र की सुरक्षा और दूसरी ओर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में अनधिकृत प्रवेश को तत्काल रोकना कई बार मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा व्यवस्था के सामने दोहरी चुनौती ईसीएल की खुली खदानों और संवेदनशील इलाकों में अनधिकृत प्रवेश पहले से ही सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती रहा है। एक ओर अवैध कोयला निकासी को रोकने के लिए सीआइएसएफ और ईसीएल सुरक्षा कर्मियों द्वारा निगरानी की जाती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और बच्चों के समूहों के प्रवेश से कार्रवाई की प्रक्रिया और जटिल हो जाती है। प्रबंधन का मानना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए महिला सुरक्षा बल की संख्या बढ़ाना जरूरी है। सिर्फ सुरक्षा तैनाती से नहीं रुकेगी कोयला लूट प्रबंधन के मुताबिक, कोयला लूट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान, लगातार निगरानी, प्रवेश मार्गों पर नियंत्रण, सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साधनों के इस्तेमाल के साथ महिला सुरक्षा बल की पर्याप्त तैनाती भी जरूरी है।
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