मार्च 2027 से सभी संस्थाओं के लिए सिर्फ भारतीय मानक समय मान्य

IST
भारतीय मानक समय
Published on

नई दिल्ली : अगले साल मार्च से, भारत में सभी संस्थाओं को कानूनी, कमर्शियल, डिजिटल और प्रशासनिक कामों के लिए इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) का इस्तेमाल करना होगा। सरकार ने इस संबंध में लीगल मेट्रोलॉजी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) रूल्स, 2026 की ऐलान किया। लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत घोषित ये नियम गजट में पब्लिश होने के 180 दिन बाद लागू होंगे, जिससे मार्च 2027 के आसपास से IST अनिवार्य हो जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।

मार्च 2027 से भारतीय मानक समय जरूरी

सरकार की ओर से जारी इस नोटिफिकेशन के तहत, जब तक खास तौर पर छूट न दी गई हो, सभी कानूनी, प्रशासनिक और आधिकारिक डॉक्यूमेंट्स के लिए भारतीय मानक समय (IST) अनिवार्य टाइम रेफरेंस होगा। यह कमर्शियल गतिविधियों, ट्रांसपोर्ट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, कानूनी कॉन्ट्रैक्ट्स और फाइनेंशियल ऑपरेशन्स में भी IST को स्टैंडर्ड टाइम रेफरेंस बनाता है।

'वन नेशन, वन टाइम' का फैसला क्यों

संस्थाओं को आधिकारिक कामों के लिए भारतीय मानक समय के अलावा किसी अन्य टाइम रेफरेंस का इस्तेमाल, डिस्प्ले या रिकॉर्ड करने की इजाजत नहीं होगी, सिवाय उन मामलों के जहां विदेशी टाइम जोन स्पष्ट रूप से बताए गए हों। या फिर जहां वैज्ञानिक रिसर्च, नेविगेशन या खगोल विज्ञान के लिए वैकल्पिक टाइम सोर्स की इजाजत हो। ये नियम इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर माइक्रोसेकंड-लेवल की टाइमिंग सटीकता पर निर्भर करता है।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in