नई दिल्ली : खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पश्चिम बंगाल की दो कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
इनमें कैलाश फॉर्मुलेशन (Kailash Formulation) और सैनक्योर वाटर प्रोजेक्ट (Sanecure Water Project) शामिल हैं। दोनों कंपनियों पर स्वच्छता और हाइजीन से जुड़े खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने का आरोप है। FSSAI ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की।
हाइजीन और सैनिटेशन नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
FSSAI से मिली जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। इसके बाद नियामक संस्था ने संबंधित लाइसेंस पर कार्रवाई की।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पश्चिम बंगाल में खाद्य प्रतिष्ठानों और खाद्य कारोबार से जुड़े संस्थानों के खिलाफ व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है।
FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित उत्पादन और निर्धारित मानकों के पालन को सुनिश्चित करना है। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर आगे भी नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा अभियान के बीच बढ़ी सख्ती
पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में खाद्य सुरक्षा को लेकर निरीक्षण अभियान तेज हुआ है। राज्यभर में रेस्टोरेंट, खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाइयों की जांच के दौरान कई जगहों पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
ऐसे में दो कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए जाने को खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर नियामक सख्ती के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। FSSAI की कार्रवाई के बाद दोनों कंपनियों के लाइसेंस की स्थिति और आगे की नियामकीय प्रक्रिया संबंधित जांच एवं अनुपालन कार्रवाई पर निर्भर करेगी।