

कोलकाता : कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार अथवा हिरासत में लिए गए लोगों को शीघ्र रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं, तो संगठन एक बार फिर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हालिया विरोध-प्रदर्शनों में शामिल कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ दर्ज किए गए मामले लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन हैं।
राका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का सरकार का वादा निभाया नहीं जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में कई प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी जा रही है या उन्हें कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है।
उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है, जो उचित नहीं है। राका ने कहा कि संगठन की स्पष्ट मांग है कि सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं और हिरासत में लिए गए लोगों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो सीजेपी राज्यभर में आंदोलन को नए सिरे से शुरू करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने दावा किया कि संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगा, लेकिन यदि प्रशासन की ओर से कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन का दायरा और व्यापक किया जाएगा।
राका ने राज्य सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि विरोध की आवाज को दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए।
हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है।