10 नवंबर को आएगी ‘Belonging: A Journey of Love’

बचपन से सियासत तक का सफर बताएगी सोनिया गांधी की संस्मरणात्मक किताब
New Delhi
सोनिया गांधी की संस्मरणात्मक किताब M.ASOKAN
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नई दिल्ली : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के जीवन और राजनीतिक सफर पर आधारित संस्मरणात्मक किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ आगामी 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। पुस्तक के प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ ने मंगलवार को इसकी घोषणा की।

किताब में सोनिया गांधी ने अपने बचपन से लेकर राजनीति में प्रवेश और कांग्रेस के नेतृत्व तक के सफर से जुड़े अनुभव साझा किए हैं। साथ ही 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के अपने फैसले पर भी उन्होंने विस्तार से चर्चा की है।

इटली के बचपन से राजीव गांधी से मुलाकात तक का सफर

संस्मरण में सोनिया गांधी ने इटली के एक छोटे शहर में बिताए अपने बचपन और कैंब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात का जिक्र किया है। इसके बाद नेहरू-गांधी परिवार में विवाह और परिवार के सदस्यों की हत्याओं के बाद उनके जीवन में आए बदलावों को भी उन्होंने अपनी नजर से बयान किया है।

सोनिया गांधी के मुताबिक, उनके परिवार और राजनीतिक जीवन को लेकर काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके फैसलों, कार्यों और मानवीय पक्ष को उस दृष्टि से समझने का प्रयास कम हुआ है। उन्होंने कहा कि यह किताब कई मायनों में उनकी इंसानियत और जीवन के अनुभवों को सामने रखने का प्रयास है।

राजनीति से दूरी के बाद पीछे मुड़कर देखी जिंदगी

सोनिया गांधी ने संस्मरण में कहा है कि राजनीति से कुछ दूरी बनाकर जब उन्होंने अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखा तो उन्हें उसमें प्रेम और निष्ठा की एक निरंतर कड़ी दिखाई दी। यह कड़ी इटली के साधारण बचपन से शुरू होकर भारत में राजीव गांधी की पत्नी और इंदिरा गांधी की बहू के रूप में बिताए जीवन तक पहुंचती है।

1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहीं। इस दौरान पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1996 तक कांग्रेस कमजोर पड़ने लगी और पार्टी के भीतर कई गुट उभर आए।

पार्टी को एकजुट करने के प्रयास में सोनिया गांधी ने 1997 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इसके करीब 62 दिन बाद 1998 में उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। वह 2017 तक इस पद पर रहीं और उनका कार्यकाल कांग्रेस के इतिहास में सबसे लंबा अध्यक्षीय कार्यकाल रहा।

सोनिया गांधी के अनुसार, यह पुस्तक उनके निजी जीवन की कहानी के साथ-साथ पिछले करीब छह दशकों में भारत में आए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग नजरिया भी प्रस्तुत करेगी।

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