सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए फैले शहजाद भट्टी गैंग पर एटीएस का वार

पाकिस्तान से संचालित शहजाद भट्टी गैंग के खिलाफ एटीएस की कार्रवाई तेज
Mumbai
शहजाद भट्टी नेटवर्क की जड़ें खंगालने में जुटी महाराष्ट्र एटीएस
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पुणे: पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क के खिलाफ महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुणे जिले में बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए एटीएस की टीमों ने शहजाद भट्टी के संपर्क में आए 66 लोगों से पूछताछ शुरू की।

सुबह सात बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई पुणे शहर पुलिस, पुणे ग्रामीण पुलिस और पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस के सहयोग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ संचालित की गई।

सोशल मीडिया संपर्कों की खंगाली जा रही जानकारी

एटीएस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इन लोगों के सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में आने के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इन लोगों का इस्तेमाल कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने या किसी संगठित आपराधिक एवं आतंकी नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से तो नहीं किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना व्यापक है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

पुणे में चल रही यह कार्रवाई एटीएस के राज्यव्यापी अभियान का विस्तार मानी जा रही है। पिछले शुक्रवार को एटीएस की 14 इकाइयों की 58 टीमों ने महाराष्ट्र के 102 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर शहजाद भट्टी के संपर्क में आए कई लोगों से पूछताछ की थी।

अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में

अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद भट्टी अकेले काम नहीं कर रहा था। एटीएस के अनुसार, उसके साथ आबिद जाट उर्फ आबिद छल, अजमल गुजर, हम्माद मेमन, राणा हुनैन और अशरफ बशीर आलम समेत कई अन्य संदिग्ध भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं तक पहुंच बनाकर उन्हें आर्थिक लालच और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से अपने नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।

युवाओं से सतर्क रहने की अपील

एटीएस ने नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करने से बचने की अपील की है। एजेंसी ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध संदेश, आर्थिक प्रलोभन या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

एटीएस का कहना है कि युवाओं को निशाना बनाकर देशविरोधी नेटवर्क खड़ा करने की कोशिशों को समय रहते विफल करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।

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