भावनगर जहरीली शराब कांड में 13 और गिरफ्तार

2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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भावनगर : गुजरात के भावनगर में सामने आए जहरीली शराब कांड की जांच में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 और लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश का रहने वाला एक व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, उस पर कथित तौर पर जहरीली शराब तैयार करने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 27 हो गई है।

गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद भावनगर में जहरीली शराब की बिक्री और सेवन का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, जहरीली शराब को एक लोकप्रिय भारत-निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) ब्रांड के लेबल वाली बोतलों में पैक किया गया था, जिससे लोगों को इसके असली होने का भ्रम हुआ।

अधिकारियों के अनुसार, इस शराब का सेवन करने वाले कुल 67 लोगों की पहचान हुई है। शराब में मेथनॉल नामक अत्यंत जहरीला रसायन मिला हुआ था। इसे पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद पुलिस ने शराब की आपूर्ति, निर्माण और वितरण से जुड़े लोगों की तलाश तेज कर दी।

रविवार को हुईं 13 गिरफ्तारियां

पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) ने रविवार को 13 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब तैयार करने में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उनके आपसी संपर्क, शराब की आपूर्ति की पूरी श्रृंखला और मेथनॉल की उपलब्धता के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। घटना ने गुजरात में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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