महानंदा बैराज में मछलियों की भरमार, मछुआरों की चमकी किस्मत

महानंदा बैराज में मछलियों की भरमार, मछुआरों की चमकी किस्मत
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सिलीगुड़ी : लक्ष्मी पूजा से पहले फुलबाड़ी के महानंदा बैराज में मछुआरों के जाल में अच्छी मात्रा में मछलियां मिल रही हैं। इससे मछुआरों के चेहरे खिल उठे हैं और उनकी कमाई भी बेहतर हो रही है। शनिवार सुबह भी बैराज में मछुआरों को अच्छी पकड़ मिली। महज दो से चार घंटे में कुछ मछुआरे 10 से 15 किलो तक मछलियां पकड़ रहे हैं। त्योहार से पहले मछलियों की अच्छी उपलब्धता उनके लिए राहत लेकर आई है।

स्थानीय मछुआरे सुबह करीब चार बजे से ही बैराज में मछली पकड़ने के काम में जुट जाते हैं। जाल में तिलापिया, अमेरिकन रोहू, पुटी समेत कई किस्म की मछलियां मिल रही हैं। मछुआरे भीम सरकार ने बताया कि उन्होंने महज दो घंटे में करीब 13 से 14 किलो मछलियां पकड़ीं। उनके अनुसार, हर साल इस समय बैराज में अच्छी मात्रा में मछलियां मिलती हैं। हालांकि, इस बार तिलापिया की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

मछलियों की कीमतों की बात करें तो बाजार में टेंगरा करीब 700 रुपये प्रति किलो और गूची लगभग 500 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं, अमेरिकन रोहू और तिलापिया की थोक कीमत करीब 150 रुपये प्रति किलो है। अलग-अलग किस्मों की मछलियों की बिक्री से मछुआरों को आमदनी हो रही है।

बैराज में पकड़ी गई मछलियों की आपूर्ति शिवमंदिर और मेडिकल मोड़ के आसपास के बाजारों में की जाती है। यहां करीब 35 से 40 मछुआरे मछली पकड़ने के काम से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अच्छी पकड़ उनके परिवारों की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है।

लक्ष्मी पूजा से पहले मछलियों की अच्छी उपलब्धता ने स्थानीय मछुआरों में उत्साह बढ़ाया है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी जाल में इसी तरह अच्छी मात्रा में मछलियां मिलेंगी और उनकी कमाई बनी रहेगी।

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