बंगाल के मतदाताओं के साथ अन्याय: टीएमसी

तृणमूल का चुनाव आयोग पर हमला
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कोलकाता: मतदाता सूची में विशेष संशोधन के दौरान केंद्रीय सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) या राज्य सरकार की ‘बांग्लार बाड़ी’ परियोजना के दस्तावेजों को मान्यता न देने के चुनाव आयोग के हालिया निर्देश के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

सोमवार को तृणमूल भवन में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और पार्टी नेता कुणाल घोष ने इस फैसले की कड़ी निंदा की। उनका आरोप है कि यह निर्णय केवल अनैतिक ही नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी उल्लंघन है। उनका आरोप है कि आयोग बंगाल के मतदाताओं को परेशान करने और वोटर लिस्ट से नाम हटाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

चंद्रिमा ने बताया कि 21 जनवरी को पश्चिम बंगाल के CEO ने चुनाव आयोग से PMAY-G, IAY और ‘बांग्लार बाड़ी’ परियोजनाओं के तहत प्राप्त वित्तीय सहायता प्रमाणपत्रों को SIR प्रक्रिया में मान्य दस्तावेज माना जाएगा या नहीं, इसका स्पष्टिकरण मांगा था। यह स्पष्टिकरण 16 फरवरी को मिला, जबकि सुनवाई 14 फरवरी को पूरी हो चुकी थी।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को स्पष्ट निर्देश दिया था कि SIR नोटिस में उल्लिखित सभी या कोई भी दस्तावेज स्वीकार्य हैं। इसके बावजूद आयोग ने इन दस्तावेजों को ‘अमान्य’ घोषित किया, जिससे लोगों को परेशान किया जा रहा है।

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