श्याम सेल कारखाने में चिमनी गिरने से चार श्रमिकों की मौत

श्याम सेल कारखाने में चिमनी गिरने से चार श्रमिकों की मौत

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हादसे के बाद घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी, मलबे में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी फोटो : घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटा दल धनंजय, सन्मार्ग संवाददाता जामुड़िया : पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के विजयनगर स्थित निजी औद्योगिक प्रतिष्ठान श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड में शनिवार की रात एक भीषण औद्योगिक हादसा हो गया। कारखाने में निर्माणाधीन चिमनी का ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई श्रमिक मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद कारखाने में अफरा-तफरी मच गई। समाचार लिखे जाने तक चार श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि अन्य श्रमिकों के मलबे में फंसे होने की आशंका के मद्देनजर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा था। अचानक भरभराकर गिरा चिमनी का ऊपरी हिस्सा प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड के कारखाने में चिमनी के निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान शनिवार की रात चिमनी का ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय चिमनी के भीतर तथा आसपास काम कर रहे कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चिमनी के मलबे में श्रमिकों के दबे होने की आशंका से पूरे कारखाना परिसर में चिंता फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए भाजपा विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी, पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार, डीसी (सेंट्रल) ध्रुव दास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। चिमनी के मलबे में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयासरत रहा। मलबे के नीचे दबे श्रमिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। हादसे में अब तक कितने श्रमिक प्रभावित हुए हैं तथा मलबे में कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी। भीषण हादसे की खबर फैलते ही कारखाने के आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ने से बचाव कार्य के दौरान व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने और राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के लिए पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाला। पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने के साथ घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक, चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ था। चार श्रमिकों की मौत की खबर से औद्योगिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, मलबे में अन्य श्रमिकों के फंसे होने की आशंका के बीच लोगों की निगाहें लगातार राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी रहीं।
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