जिहादी संगठन से कनेक्शन के आरोप में बंगाल का युवक गिरफ्तार

परिवार बोला-‘आशाफुल ऐसा कर ही नहीं सकता’
arrested 1
arrested 1
Published on

उत्तर 24 परगना : जिले के बदुरिया का 25 वर्षीय युवक आशाफुल मलिक कथित तौर पर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ने के शक में पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बताया जा रहा है कि बेंगलुरु में सुरक्षा गार्ड की नौकरी के दौरान वह कथित रूप से कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में आया। पुलिस ने संदेह के आधार पर उसे गिरफ्तार किया है। हालांकि, परिवार और ग्रामीणों का दावा है कि आशाफुल का आतंकी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं हो सकता।

पढ़ाई में था होनहार, नौकरी की तलाश में गया था बेंगलुरु

आशाफुल बदुरिया थाना क्षेत्र के यशाइकाटी-आटघरा ग्राम पंचायत के नोआपाड़ा का रहने वाला है। परिवार के अनुसार, उसने गोबरडांगा कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के साथ उसने शारीरिक दक्षता परीक्षा भी दी थी। नौकरी नहीं मिलने के बाद करीब डेढ़ साल पहले वह बेंगलुरु चला गया, जहां टाटा समूह की एक कंपनी में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करने लगा। परिवार का कहना है कि बेंगलुरु जाने के बाद से वह घर नहीं लौटा था। गुरुवार को बेंगलुरु पुलिस की ओर से परिवार को फोन कर बताया गया कि आशाफुल थाने में है और परिजनों को वहां संपर्क करने के लिए कहा गया। इसके बाद उसके पिता बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए।

‘पुलिस ने क्यों पकड़ा, हमें नहीं पता’

आशाफुल की मां हानिफा बीबी ने बेटे पर लगे आरोपों पर हैरानी जताई। उनका कहना है कि उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं बताया गया है कि पुलिस ने उसे किस मामले में गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि बेटा हमेशा पढ़ाई और नौकरी की तैयारी में लगा रहता था। कई परीक्षाएं देने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने पर वह बाहर काम करने चला गया था। परिवार के मुताबिक, पिता से फोन पर बात तो हो रही है, लेकिन उन्हें भी मामले की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।

गांव वालों को गिरफ्तारी पर यकीन नहीं

आशाफुल की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद गांव में भी चर्चा तेज है। पड़ोसियों का कहना है कि वह बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव का युवक था। ग्रामीणों के मुताबिक, वह अक्सर पढ़ाई में व्यस्त रहता था और किसी विवाद में उसका नाम सामने नहीं आया। हालांकि, पुलिस की जांच में आशाफुल पर लगे आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बेंगलुरु में रहने के दौरान उसके संपर्क किन लोगों से हुए।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in