

नदिया : रविवार को नदिया में हैंडलूम वीवर्स सेल के कार्यक्रम में बुनकरों और कारीगरों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज बंगाल में “किंग जॉन का राज” चल रहा है, जहां सरकार खुद को राज्य का प्रधानमंत्री समझने लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और धन का सही उपयोग न होने के कारण राज्य के बुनकर और आम लोग बदहाली झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार की उदासीनता ने हैंडलूम उद्योग को तबाही के कगार पर पहुंचा दिया है। गिरिराज सिंह ने आंकड़ों के साथ कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 2004 से 2014 के बीच बंगाल को बेहद सीमित सहायता मिली, जबकि मोदी सरकार ने 2014 से 2026 तक राज्य को कहीं अधिक संसाधन उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि 2024–25 में केंद्र से 28,431 करोड़ रुपये और 2025–26 में 37,158 करोड़ रुपये की ग्रांट दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना में 26 हजार करोड़, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 17 हजार करोड़ और जल जीवन मिशन में 24 हजार करोड़ रुपये दिए गए। रेलवे बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 10 वर्षों में बंगाल को केवल 4,380 करोड़ रुपये मिले, जबकि मौजूदा वर्ष में भाजपा सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। गिरिराज सिंह ने राज्य में 26 लाख फर्जी राशन कार्ड और 10,000 करोड़ रुपये के राशन घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 26,000 शिक्षकों की नौकरी चली गई और 24,000 योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया, जिससे युवा वर्ग में निराशा बढ़ी है। बुनकरों की दुर्दशा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कभी 7 लाख से अधिक बुनकरों वाला बंगाल आज पलायन के लिए मजबूर है। एमएसडीपी के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक का फंड भी राज्य सरकार ने 80 प्रतिशत तक लूट लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार बुनकरों को सशक्त बनाकर हर परिवार को 15,000 रुपये मासिक आय और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दौरान नादिया में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के साथ केंद्रीय बजट 2026 पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, महिला, युवा, एमएसएमई और गरीब कल्याण को समर्पित है, जो निवेश, रोजगार और विकास को नई दिशा देगा।