

कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धर्मतल्ला में धरने के दौरान शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को धर्मतल्ला में गैर-कानूनी बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने के लिए एक नाटक किया गया। शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि जब पश्चिम बंगाल के वंचित शिक्षक अपनी जायज मांगों को लेकर वहां विरोध दर्ज कराने पहुंचे, तो उनकी बात सुनने के बजाय उनसे कहा गया कि आप यह सब भाजपा के कहने पर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों के हाथ में पकड़े पोस्टरों का भी मजाक उड़ाया गया और उनसे कहा गया कि वे अपनी शिकायतें नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाकर दिखाएं। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी दावा किया कि इस दौरान मीडिया को भी भाजपा का एजेंट बताया गया, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पश्चिम बंगाल में अब कोई भी अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज नहीं उठा सकता? क्या विरोध करने वाले हर व्यक्ति को किसी का एजेंट बता दिया जाएगा? उन्होंने आगे कहा कि क्या सालों तक वंचित टीचरों की आवाज को ऐसे ही दबाया जाएगा, लेकिन राज्य की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है। उनके अनुसार अन्याय और वंचना का जवाब जनता चुनाव में देगी।