

कोलकाता : नरेंद्रपुर थानांतर्गत नाजीराबाद इलाके के गोदामों में लगी भीषण आग की घटना के तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। धारा 163 लागू होने के बावजूद शुभेंदु अधिकारी नाजीराबाद पहुंचे, हालांकि पुलिस की कड़ी बैरिकेडिंग के कारण उन्हें घटनास्थल से करीब 100 मीटर पहले ही रोक दिया गया। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हम कानून मानने वाले लोग हैं। हम पहले दिन से ही यहां मौजूद हैं। हमारे विधायक अशोक डिंडा और स्थानीय भाजपा नेतृत्व भी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री अब तक यहां नहीं आईं, जबकि उनका घर महज 10 किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने राज्यधर्म का पालन नहीं किया है। शुभेंदु अधिकारी ने हादसे में मारे गये और लापता लोगों के परिजनों के लिए 50-50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके के वेटलैंड को भरकर अवैध गोदाम बनाया गया है, जिसे हर महीने 1.5 लाख रुपये में किराए पर दिया जा रहा था। आरोप है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा स्थानीय विधायक तक पहुंचता था। उन्होंने कहा कि न तो गोदाम के पास कोई वैध लाइसेंस था और न ही वहां अग्निशमन की कोई व्यवस्था। विपक्ष के नेता ने यह भी सवाल उठाया कि जब मेयर फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और सुजीत बोस जैसे तृणमूल नेता घटनास्थल पर जा सकते हैं, तो उन्हें ही धारा 163 लगाकर क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने नरेंद्रपुर थाने, स्थानीय पंचायत और विधायक पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की।