शुभेंदु ने बेरोजगारी, युवा साथी योजना और राज्य सरकार की विफलताओं को लेकर लगाये गंभीर आरोप

कहा- लगभग 1 करोड़ युवा रोजगार की तलाश में राज्य से बाहर पलायन कर चुके हैं
शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी
Published on

कोलकाता : राज्य में आज से ‘युवा साथी स्कीम’ प्रोजेक्ट के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। इससे पहले शनिवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस योजना को लेकर तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे युवाओं के साथ एक और राजनीतिक धोखा करार दिया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी अपने चरम पर है, लेकिन सरकार इसे छिपाने के लिए नयी-नयी योजनाओं की घोषणाएं कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 2.15 करोड़ लोग बेरोजगार हैं, 51 उद्योग एवं निवेश परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और लगभग 1 करोड़ युवा रोजगार की तलाश में राज्य से बाहर पलायन कर चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में तत्कालीन वित्त मंत्री अमित मित्रा द्वारा शुरू की गयी “युवा उत्साह प्रकल्प” और बाद में “युवाश्री” योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि तब 17 लाख युवाओं ने आवेदन किया था, लेकिन केवल 1 लाख को ही कुछ समय के लिए भत्ता मिला, जबकि बाकी 16 लाख युवा आज भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ के लिए लायी गयी थी और 2017-18 के बाद यह योजना बंद कर दी गयी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने करीब 6 लाख सरकारी पद समाप्त कर दिए हैं, जबकि लगभग 10 लाख पद खाली पड़े हैं, जिनमें 3.3 लाख शिक्षण व गैर-शिक्षण और 1.5 लाख पुलिस कांस्टेबल के पद शामिल हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी शुभेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरजी कर और दुर्गापुर की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व मेदिनीपुर के कांथी-3 ब्लॉक से एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक तृणमूल महिला प्रधान के साथ शारीरिक और यौन उत्पीड़न का आरोप है। उन्होंने कहा कि मामले को दबाने के लिए पुलिस द्वारा अपने कक्ष में सलिसी सभा बुलाई गई। उन्होंने उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के दौरान “युवा साथी” फॉर्म के ऑफलाइन वितरण पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह युवाओं को सड़कों पर लाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है। शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री से 2013 के 17 लाख आवेदकों की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की और युवाओं से भाजपा युवा मोर्चा के ‘चाकरी मांगे बंगाल’ शिविरों में आवेदन करने की अपील की।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in