

कोलकाता : स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मच गयी है। कोर्ट की सुनवाई खत्म होते ही विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि एसआईआर रोकने की उनकी सारी कोशिशें पूरी तरह नाकाम हो गई हैं। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगवाने के इरादे से सुप्रीम कोर्ट गई थीं, लेकिन वहां उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोर्ट में ‘पिटीशनर’ के तौर पर मौजूद थीं, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रभावी दलील पेश नहीं की गई। शुभेंदु ने मुख्यमंत्री की अंग्रेजी को लेकर भी तंज कसते हुए कहा कि उनका कोर्ट में बोलने का तरीका राज्य के लिए शर्मनाक था। विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी शुरू से ही एसआईआर में छेड़छाड़ कर बांग्लादेशी और मृत वोटरों की मदद से चुनाव कराने की कोशिश कर रही हैं। शुभेंदु ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर उठाई गई आपत्ति पर भी कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नागरिकता के सबूत के तौर पर आधार कार्ड को मान्यता दिलाने की मुख्यमंत्री की कोशिश भी कोर्ट में नहीं मानी गई। इस बीच शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 10 फरवरी से 25 फरवरी तक भाजपा कार्यकर्ता पूरे पश्चिम बंगाल में घर-घर जाकर मुख्यमंत्री के झूठ को उजागर करेंगे और एसआईआर से जुड़ी असली सच्चाई जनता तक पहुंचाएंगे।