SIR को लेकर मतुआ समुदाय को शुभेंदु का भरोसा, कहा...

SIR नोटिस पर घबराने की जरूरत नहीं, 85 वर्ष से अधिक उम्र वालों को मिलेगी घर पर सुविधा
 शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी
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कोलकाता : बंगाल में मतुआ समुदाय इन दिनों SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया को लेकर चिंतित है। खासकर उन लोगों में डर का माहौल है, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं और जिन्हें आशंका है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया जा सकता है। हालांकि, राज्य की सत्ताधारी पार्टी से लेकर विपक्षी भाजपा तक सभी दल मतुआ समुदाय को यह भरोसा दिला रहे हैं कि किसी का भी नाम वोटर सूची से नहीं हटेगा। इसी क्रम में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को बनगांव के रेल बाजार में मतुआ समुदाय को संबोधित करते हुए SIR को लेकर फैली आशंकाओं पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर किसी को SIR के तहत नोटिस दी जाती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। 85 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लाइन में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि अधिकारी उनके घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) किसी मतुआ व्यक्ति का नाम हटाता है, तो वह DEO के पास आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदन का फॉर्मेट वे अशोक कीर्तनिया को भेजेंगे। यदि DEO के स्तर पर भी समाधान नहीं होता है तो CEO के पास आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि CEO के पास आवेदन देने के बाद नाम शामिल कराने की जिम्मेदारी राज्य के विपक्ष के नेता के रूप में उनकी खुद की होगी। मतुआ समुदाय को आश्वस्त करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी भी मुतआ और हिन्दू शरणार्थी का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटेगा और किसी भी बांग्लादेशी मुस्लिम का नाम सूची में शामिल नहीं होगा। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर CAA के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि CAA सर्टिफिकेट जारी करने के लिए केंद्र सरकार ठाकुरबाड़ी सर्टिफिकेट और मतुआ मंदिर सर्टिफिकेट को भी मान्यता दे रही है। उनका दावा है कि अब तक 7,000 से अधिक लोग CAA के लिए आवेदन कर चुके हैं, जिनमें से लगभग 1,000 लोगों को सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है।


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