

कोलकाता : पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली भाजपा को अपार सफलता के बाद सबकी निगाहें इसी बात पर थी कि आखिर कौन बंगाल का अगला मुख्य मंत्री होगा? चर्चा में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम जरूर था, लेकिन उन पर एक ही सवाल था कि वो टीएमसी से भाजपा में आए हैं और शायद इस वजह से वह मुख्य मंत्री पद की रेस में पिछड़ जाएं, मगर केंद्रीय पर्यवेक्षक बनकर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साफ बता दिया कि आखिर शुभेंदु अधिकारी को क्यों चुना गया ।
अमित शाह ने घोषणा करते हुए कहा, 'आज बीजेपी बंगाल विधानसभा के सदस्यों की मीटिंग यहां बुलाई गई है। उस मीटिंग में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे और उड़ीसा सीएम मोहन चरण माझी को केंद्र की ओर की तरफ से पर्यवेक्षक के रूप में भेजा। कुछ दिन पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई है। लगभग 8 प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए हैं। सभी प्रस्ताव और समर्थन एक ही नाम के लिए मिले हैं, दूसरे नाम के लिए भी सबको समय दिया गया पर दूसरा नाम नहीं आया है, इसलिए मैं केंद्रीय पर्यवेक्षेक के रूप में शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल के नेता के रूप में निर्वाचित करता हूं।'
शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में एक समृद्ध राजनीतिक परिवार में हुआ था। उनके पिता शिशिर अधिकारी बंगाल की राजनीति में सम्मानित और कद्दावर नाम हैं। मेदिनीपुर के पूरे क्षेत्र पर दशकों से अधिकारी परिवार का प्रभाव रहा है। शुभेंदु ने राजनीति की शुरुआती बारीकियां उन्हीं से सीखीं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद से शुरू किया।उस दौर में पूरे बंगाल में वामपंथी छात्र संगठनों का एकछत्र दबदबा था, ऐसे में एक विपक्षी छात्र नेता के रूप में उन्हें पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।1995 में कांथी नगर पालिका में पार्षद के रूप में चुनकर उन्होंने अपने चुनावी सफर की औपचारिक शुरुआत की।
शुभेंदु ने ममता बनर्जी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस की नींव रखी। हालांकि, उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी से नाता तोड़ लिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे. शुभेंदु लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी के सामने खड़े हुए। उन्होंने 2021 के विधानसभा में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव हराया था। वहीं इस बार वो फिर ममता बनर्जी के सामने भवानीपुर से चुनावी मैदान में उतरे। उन्होंने फिर ममता बनर्जी को चुनाव हराया। शुभेंदु इस बार नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही सीटों से चुनाव जीते हैं।