

बैरकपुर अदालत में भी लोगों ने घोष को देखकर “चोर-चोर” के नारे लगाए
पानीहाटी : खड़दह थाने से शुक्रवार दोपहर निर्मल घोष को बैरकपुर अदालत ले जाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरजी कर मामले में पानीहाटी श्मशान घाट पर कथित तौर पर सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल विधायक को देखते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बावजूद भीड़ ने उन्हें घेरने की कोशिश की। निर्मल घोष पर अंडे फेंके गए और थप्पड़ व घूंसे बरसाए गए। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीड़ से बचाते हुए प्रिजन वैन तक पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार, निर्मल घोष को शुक्रवार को तड़के करीब साढ़े तीन बजे ओडिशा से खड़दह थाने लाया गया था। उस समय उनकी गिरफ्तारी की जानकारी बहुत कम लोगों को थी। सुबह होते-होते खबर इलाके में फैल गई और थाने के बाहर स्थानीय लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। दोपहर तक स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने पहले ही संभावित विरोध को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी थी। निर्मल घोष को हेलमेट पहनाकर जवानों के घेरे में बाहर निकाला गया, लेकिन इसके बावजूद आक्रोशित लोग उनके करीब पहुंच गए। भीड़ के हमले के दौरान निर्मल अपने हाथों से हेलमेट संभालते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें घेरे में लिया और तेजी से प्रिजन वैन तक पहुंचाया। इसी दौरान पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। इधर बैरकपुर अदालत में भी लोगों ने दोनों आरोपी को देखकर “चोर-चोर” के नारे लगाए।
श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार आरजी कर कांड की पीड़िता के शव का पानीहाटी श्मशान घाट में जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने और कथित तौर पर सबूत मिटाने के मामले में निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में गुरुवार की रात पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी की गिरफ्तारी हुई थी। तीसरे आरोपी पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ दे की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक वह अभी फरार हैं।