कुम्हारटोली में मिट्टी संकट पर मंत्री का हस्तक्षेप, जल्द बहाल होगी आपूर्ति

जलजमाव, पेयजल और सफाई संबंधी शिकायतों पर भी लिया संज्ञान
मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती
मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती
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प्रीति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कुम्हारटोली में मूर्ति निर्माण के लिए आवश्यक मिट्टी की आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय मूर्तिकारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या को लेकर शिल्पकारों ने राज्य की मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती को पत्र सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को मंत्री कुम्हारटोली पहुंचीं और मूर्तिकारों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मंत्री ने शिल्पकारों को बताया कि उन्होंने मिट्टी आपूर्ति के मुद्दे को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के समक्ष उठाया है। मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया है कि अगले दो-तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, जिससे मूर्तिकारों का काम फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सकेगा।

जल्द होगा समस्या का समाधान

पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा कि कई दिनों से मिट्टी की आपूर्ति बंद रहने के कारण शिल्पकारों का काम प्रभावित हो रहा था। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की है। संबंधित अधिकारियों ने जल्द से जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिया है। मंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी कुम्हारटोली के लोगों को आश्वस्त करना चाहती हैं कि बहुत जल्द यह समस्या दूर हो जाएगी।

नागरिक सुविधाओं की समस्याएं भी उठीं

इस दौरान स्थानीय लोगों ने जलजमाव, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई से जुड़ी विभिन्न समस्याएं भी मंत्री के समक्ष रखीं। इस अवसर पर कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के जल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य एवं सफाई विभाग के अधिकारी और इंजीनियर भी मौजूद थे। मंत्री ने बताया कि सभी शिकायतों को संबंधित विभागों ने नोट कर लिया है और उनके समाधान की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।

'ड्रीम कुम्हारटोली' बनाने का संकल्प

मंत्री ने कहा कि कुम्हारटोली को जिस प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी, राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में कुम्हारटोली को "ड्रीम कुम्हारटोली" के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

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