

सिलीगुड़ी :
बैठक में PNG कनेक्शन को बढ़ावा दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वितरकों का कहना है कि यदि LPG उपभोक्ताओं को PNG की ओर स्थानांतरित किया गया और LPG कनेक्शन सरेंडर कराए गए, तो इसका सीधा असर उनके कारोबार और उससे जुड़े कर्मचारियों की आजीविका पर पड़ेगा। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उसकी आपत्ति PNG के खिलाफ नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को LPG से PNG की ओर मजबूरन स्थानांतरित करने की नीति को लेकर है।वितरकों ने e-KYC जैसे अतिरिक्त कार्यों के लिए भुगतान की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि ऐसे काम की जिम्मेदारी वितरकों पर है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त आर्थिक प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है।एसोसिएशन ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। 26 अक्टूबर का प्रस्तावित जंतर-मंतर धरना इसी दिशा में अगला कदम होगा।