

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मंगलवार को 49वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले का समापन हो गया। 12 दिनों से आयोजित पुस्तक मेला लोगों के लिए एक बार फिर पूरे एक साल का इंतजार बन गया। पुस्तक मेले के अंतिम दिन पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। मेला परिसर में तिल रखने तक की जगह नहीं थी। शाम ढलते ही लोगों की भीड़ और बढ़ती चली गई। अंतिम दिन पुस्तक मेला में सभी स्टॉलों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। पुस्तक के स्टॉल्स के साथ फूड स्टॉल्स पर भी काफी भीड़ लगी थी। लोग इस माहौल का भरपूर आनंद लेते हुए नजर आ रहे थे।
पिछले साल की तुलना में कैसी रही भीड़
देखा जा रहा है कि पुस्तक मेले में हर साल पुस्तक प्रेमियों की भीड़ बढ़ती जा रही हैं। इस बार मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से पहले की तुलना में कहीं ज्यादा पुस्तक प्रेमी बुक फेयर में पहुंचे। जहां 2024 में पुस्तक मेला का फुटफॉल लगभग 29 लाख और 2025 में 27 लाख फुटफॉल रहा। वहीं इस साल पुस्तक मेले में 32 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ी और पिछले साल के मुताबिक 10 से 15% ज्यादा पुस्तकों की बिक्री हुई।
डिजिटलीकरण ने डाला है असर
बुक फेयर में स्टॉल लगाए कुछ दुकानदारों ने कहा कि इस बार काफी ज्यादा भीड़ उमड़ी और अच्छी कमाई भी हुई, वहीं कुछ दुकानदारों ने बताया कि ऑनलाइन मार्केट का असर काफी ज्यादा देखा जा गया है। लोग स्टॉल पर आए, मगर दाम सुनकर 'ऑनलाइन खरीद लेंगे', ऐसा बोलकर चले गए। ऑनलाइन चीजे कम दाम में मिलने की वजह से कई बार काफी कम मुनाफे में व्यापार करना पड़ा है।