वर्ष 2036 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की बोली से जुड़े काम मुझे सौंपे गये : पेस

लिएंडर पेस
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कोलकाता : भारतीय टेनिस के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने शनिवार को कहा कि उन्हें वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की बोली से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिसे उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी नयी भूमिका का अहम हिस्सा बताया। सात बार के ओलंपियन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें युवा विकास और खेल पर काम करने के साथ-साथ 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के देश के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करने का कार्य सौंपा है।

भाजपा में शामिल होने के बाद कोलकाता में अपनी पहली प्रेसवार्ता में पेस ने कहा कि कोलकाता उनकी जन्मभूमि है और यहीं से उनके खेल जीवन की शुरुआत हुई। साउथ क्लब और सीसीएफसी से लेकर कोलकाता के मैदान तक, उन्होंने देशभक्ति, संघर्ष और अनुशासन सीखा है। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का उनका मुख्य उद्देश्य देश का सम्मान बढ़ाना और नयी पीढ़ी को प्रेरित करना रहा है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के खेल ढांचे को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में अब भी पर्याप्त आधुनिक सुविधाओं का अभाव है, विशेषकर इंडोर टेनिस कोर्ट की कमी है। डेविस कप जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अस्थायी ढांचा तैयार करना पड़ता है, जो दीर्घकालिक खेल विकास में बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि अतीत में पश्चिम बंगाल ने खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी, लेकिन पिछले कुछ दशकों में यह निरंतरता बनी नहीं रह सकी। ओलंपिक पदक जीतने के मामले में राज्य का योगदान सीमित हो गया है, जो खेल नीतियों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता को दर्शाता है।

लिएंडर पेस ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल में युवाओं और खेल विकास पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य खेल के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना है और ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे राज्य के युवाओं को रोजगार की तलाश में बाहर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने आगे कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और खेल विकास आपस में जुड़े हुए हैं। उनका लक्ष्य वर्ष 2036 में ओलंपिक का आयोजन भारत में कराना और खेल के क्षेत्र में देश को महत्वपूर्ण सफलता दिलाना है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनेक प्रतिभाशाली युवा राज्य छोड़कर बाहर जा रहे हैं, जो भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने खेल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से इस स्थिति में बदलाव लाने पर जोर दिया। पत्रकार सम्मेलन के अंत में उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए एक नया क्षेत्र है, लेकिन देश सेवा का उनका उद्देश्य वही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी के सहयोग से खेल और युवा विकास के माध्यम से पश्चिम बंगाल और भारत को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया जा सकता है।

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