शर्मिष्ठा के चीन के शिविर में सुरक्षित होने की जगी उम्मीद

32 लापता पर्यटकों की तलाश के लिए चीन से सत्यापन कराने की विदेश मंत्रालय से अपील
शर्मिष्ठा के चीन के शिविर में सुरक्षित होने की जगी उम्मीद
Published on

उत्तर 24 परगना : नेपाल में आई बाढ़ के बाद से नेपाल घूमने गईं शर्मिष्ठा भौमिक राय का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पत्नी की तलाश में लगातार प्रयास कर रहे उनके पति शुभ्रांशु राय ने अब भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से चीन के अधिकारियों के साथ संपर्क कर लापता पर्यटकों के सुरक्षित होने की संभावनाओं की आधिकारिक पुष्टि कराने की अपील की है। उनका कहना है कि हाल में सामने आई कुछ रिपोर्टों से उम्मीद जगी है और इनकी तत्काल सरकारी स्तर पर पुष्टि जरूरी है। शुभ्रांशु ने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि कुछ रिपोर्टों के अनुसार, चीन की सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने सुबह करीब 9 बजे चेकप्वाइंट बंद करने के बाद कई समूहों को सुरक्षित अंदरूनी इलाकों में स्थित सैन्य या राहत शिविरों में पहुंचाया था। उनका यह भी कहना है कि तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार प्रतिबंध और नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां शरण लिए लोगों का फोन और इंटरनेट के माध्यम से संपर्क पूरी तरह टूट गया हो सकता है।

विदेश मंत्रालय से सत्यापन की अपील

शुभ्रांशु ने विदेश मंत्रालय, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारतीय दूतावास से चीनी अधिकारियों के साथ इस मामले को उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यदि यह सत्यापित हो सके कि लापता पर्यटकों में से कोई सीमा पार कर किसी सुरक्षित शिविर में मौजूद है, तो इससे 32 परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।

25 अगस्त की रात हुई थी आखिरी बातचीत

जानकारी के अनुसार, शर्मिष्ठा 21 अगस्त को अकेले घूमने के लिए एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से नेपाल रवाना हुई थीं। 25 अगस्त की रात शुभ्रांशु की उनसे आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके अगले दिन 26 अगस्त की सुबह नेपाल में बाढ़ की घटना हुई। इसके बाद से शर्मिष्ठा से संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार ने विभिन्न माध्यमों से उनकी तलाश और उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in