बारुईपुर में ऋतब्रत खेमे के नेताओं के खिलाफ 'गो बैक', 'गद्दार' के नारे

सायोनी घोष को ही मिली पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति
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कोलकाता : बारुईपुर के सूर्यपुर में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में घटना के करीब 72 घंटे बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे ऋतब्रत बनर्जी खेमे के नेताओं को मंगलवार को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रतिनिधिमंडल में सांसद सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तिदार, चंद्रिमा भट्टाचार्य, ऋतब्रत बनर्जी समेत कई नेता शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल के पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने 'गो बैक' और 'गद्दार' के नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध के चलते कुछ देर के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण प्रतिनिधिमंडल के अधिकांश सदस्यों को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं मिली। हालात को देखते हुए अंततः केवल सांसद सायोनी घोष ही पीड़ित परिवार से मिल सकीं। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और न्याय सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया।

सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल को तनावपूर्ण बनाया। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

संभावित तनाव को देखते हुए इलाके में पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस बीच, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी भी बारुईपुर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने की मांग की। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

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