

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव और चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाया है। आयोग ने सोमवार से पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर हर हफ्ते रिपोर्ट लेने का फैसला किया है। इस संबंध में शनिवार को मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने राज्य के सभी जिला मजिस्ट्रेट को औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देश के अनुसार, 5 जनवरी से प्रत्येक जिला मजिस्ट्रेट अपने जिले की साप्ताहिक कानून-व्यवस्था रिपोर्ट CEO कार्यालय को भेजेंगे। वहां से इन रिपोर्टों को संकलित कर सीधे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि यह कदम 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हालात पर लगातार और प्रत्यक्ष निगरानी के उद्देश्य से उठाया गया है। कुल मिलाकर SIR प्रक्रिया, साप्ताहिक कानून-व्यवस्था रिपोर्ट और नोडल एजेंसियों की तैनाती से साफ है कि पश्चिम बंगाल इस वक्त चुनाव आयोग के सबसे कड़े पहरे में है।
SIR प्रक्रिया ने बढ़ायी सतर्कता
फिलहाल राज्य में SIR प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत वोटर लिस्ट की गहन जांच की जा रही है। इसकी फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित होने वाली है। इस प्रक्रिया के दौरान कई जिलों से नोटिस, सुनवाई और नाम जोड़ने–हटाने को लेकर तनाव और विवाद की खबरें सामने आई हैं। आयोग को आशंका है कि SIR को लेकर राजनीतिक दबाव, विरोध या अशांति की स्थिति बन सकती है। इसी पृष्ठभूमि में साप्ताहिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य किया गया है।
जिला प्रशासन और पुलिस की बढ़ेगी जिम्मेदारी
अब जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन को हर सप्ताह अपने जिले में राजनीतिक गतिविधियों, SIR से जुड़ी सुनवाइयों, प्रदर्शन, हिंसा या किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति का विस्तृत ब्यौरा देना होगा। रिपोर्ट में संवेदनशील इलाकों, सोशल टेंशन, अफवाहों और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख अनिवार्य रहेगा।
25 नोडल एजेंसियां भी होंगी सक्रिय
चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले 25 नोडल एजेंसियों की नियुक्ति भी की है, जो 5 जनवरी से काम शुरू करेंगी। हर जिले में जिला मजिस्ट्रेट की अगुवाई में एक अलग कमेटी बनाई गई है, जो सुरक्षा, आचार संहिता और SIR से जुड़े मामलों पर नजर रखेगी। इससे साफ है कि आयोग किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चाहता।
फरवरी के अंत में आयोग की पूरी बेंच बंगाल में
इलेक्शन कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, आयोग की पूरी बेंच फरवरी के आखिरी हफ्ते में पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकती है। इसके बाद 2026 विधानसभा चुनाव का शेड्यूल घोषित किए जाने की संभावना है यानी राज्य में चुनावी “घंटी” बजने से पहले आयोग ने पूरी मशीनरी को एक्टिव कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “पिछले चुनावों की तुलना में इस बार आयोग ने निगरानी और तैयारी बहुत पहले शुरू कर दी है। 2026 का चुनाव बंगाल में एक नयी मिसाल बनेगा।”