

कोलकाता : युवा साथी योजना के लिए रविवार से रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही बेरोजगारी भत्ता पाने वालों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अलग-अलग जिलों में युवाओं और उनके परिवारजनों की भारी भीड़ ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में रोजगार संकट को उजागर कर दिया है। इस मुद्दे पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने राज्य की तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसे पहले ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के नाम पर लाखों महिलाओं को सड़कों पर खड़ा किया गया, वैसे ही अब युवाओं को भत्ते के नाम पर बुलाया जा रहा है। दिलीप घोष ने दावा किया कि राज्य में नौकरियां नहीं हैं, इसलिए लाखों नहीं बल्कि करोड़ों की संख्या में युवा इस योजना के लिए लाइन में खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि यह सीन ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों को तोहफे में दिया है, जहां एक बुज़ुर्ग पिता को अपने बेरोजगार बेटे की ओर से भत्ते के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। दिलीप घोष ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पहले बेटा पिता की दवा के लिए लाइन में खड़ा होता था, आज राज्य सरकार की नीतियों के कारण पिता को बेटे की नौकरी के लिए खड़ा होना पड़ रहा है। हिंदुत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को हिंदुत्व कहने में कभी शर्म नहीं आती, क्योंकि यह देश हिंदू है। हमारा कल्चर, जीवनशैली और परंपराएं सब हिंदू हैं। इसलिए हम हिंदुत्व कहने में शर्म महसूस नहीं करते। हम फालतू सेक्युलरिज़्म नहीं दिखाते। हम हिंदू जीवन पद्धति और हिंदू विचारधारा में विश्वास करते हैं। साथ ही, हम देश के संविधान का सम्मान करते हुए उसी के अनुसार काम करते हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के सात चुनाव अधिकारियों के निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर जांच में अड़चनें पैदा कर रहे थे, जिन्हें बेनकाब कर सख्त सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र–राज्य संबंधों पर भी सरकार को घेरा और कहा कि राज्य सरकार रेलवे व मेट्रो जैसी अहम परियोजनाओं में सहयोग नहीं कर रही है, जिससे जनता को मिलने वाले लाभ जानबूझकर रोके जा रहे हैं।