

कोलकाता : राज्य के सरकारी स्कूलों में छात्रों को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल प्रदान करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 'डिजिटल कंटेंट क्रिएटर लैब' स्थापित करने की पहल की है।
यह परियोजना कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए होगी, जिसके तहत हर वर्ष लगभग 10 हजार छात्रों को डिजिटल कंटेंट निर्माण का आधुनिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार इन लैब में विद्यार्थियों को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य स्कूल स्तर से ही छात्रों की रचनात्मक क्षमता विकसित करना और उन्हें भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से स्कूलों की आईसीटी और कंप्यूटर लैब की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध उपकरणों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विवरण मांगा है।
स्कूल शिक्षा आयुक्त ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सभी संबंधित स्कूलों को 22 जुलाई तक अपनी आईसीटी और कंप्यूटर लैब से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग को भेजनी होगी। विभाग का मानना है कि इस पहल से छात्रों के लिए रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।