

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा की परिवर्तन यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में निकल रही इस यात्रा के माध्यम से भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता आम लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं और राज्य में कथित सिंडिकेट राज, भ्रष्टाचार तथा कटमनी की राजनीति के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
भाजपा सरकार बनी तो खुलेंगे बंद चाय बागान : सुकांत
अलीपुरद्वार के कुमारग्राम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित परिवर्तन सभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा बंगाल के लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में पुलों, रेल मार्गों और सड़क अवसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान देगी। साथ ही बंद पड़े चाय बागानों को फिर से शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे हजारों श्रमिकों की आजीविका सुरक्षित हो सके। कूचबिहार सांगठनिक जिले के नटाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम में भी डॉ. मजूमदार ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया।
घुसपैठियों को बचाने के लिए धरने पर बैठीं ममता बनर्जी : शुभेंदु
मिदनापुर डिवीजन की परिवर्तन यात्रा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी समर्थकों को संबोधित किया। शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के कारण युवाओं के रोजगार, उद्योग, अवसंरचना, महिलाओं की सुरक्षा और हवाई अड्डों के विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव बंगाल के भविष्य और उसकी सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब : शमीक
हावड़ा–हुगली डिवीजन के बाली में आयोजित परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमीक भट्टाचार्य ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और विरोधियों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि धमकियों और हमलों से भाजपा का परिवर्तन आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भाजपा की सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा, जो राज्य के सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है।