

कोलकाता : नाटकीय घटनाक्रम के तहत राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस ने इस्तीफा दिया और इसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गयी। चाहे स्वास्थ्य का कारण हो या और कुछ लेकिन चुनाव के ठीक पहले बोस के इस्तीफे ने अटकलें तेज कर दी हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता इस संबंध में बयान देने से बच रहे हैं लेकिन अंदरखाने में कहा जा रहा है कि भाजपा के प्रदेश के दो तीन बड़े नेता बोस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। भाजपा के एक नेता ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान लगातार बोस की कार्य पद्धति की ओर दिलाया जा रहा था। यहां तक कहा जाता रहा है कि किसी कारणवश बोस मौजूदा सरकार से टकराना नहीं चाहते थे। इस संबंध में राजभवन में कुछ माह पहले ही एक घटना की ओर भी अंगुली उठायी जा रही है, जिसके बाद निवर्तमान राज्यपाल को बैकफुट पर जाना पड़ा था। राज्यपाल के इस्तीफे के मुद्दे पर भाजपा के प्रवक्ता एडवोकेट देबजीत सरकार ने कहा कि डॉ. सी वी आनंद ने शारीरिक समस्या के कारण इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर उनके स्वस्थ होने की कामना हम कर रहे हैं। वहीं आनंद बोस के इस्तीफे के बारे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि वह बहुत पढ़े-लिखे आदमी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के गवर्नर की कुर्सी की शोभा बढ़ाई है। वह राष्ट्रपति के प्रतिनिधि हैं, उन्होंने शारीरिक कारणों से इस्तीफा दिया है। यह हैरानी की बात है कि तृणमूल इसमें राजनीतिक साजिश के सवाल उठा रही है। उल्लेखनीय है कि आर एन रवि को अस्थायी राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं।