

बारासात : बारासात नगर पालिका में लगातार बढ़ रही प्रशासनिक निष्क्रियता के बीच कार्यपालक अधिकारी (एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से नगरपालिका के कार्यों से अनुपस्थित रहने के आरोप में चेयरमैन समेत 34 पार्षदों को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया गया है। संबंधित जनप्रतिनिधियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी अनुपस्थिति का लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, 8 जुलाई को कार्यपालक अधिकारी की ओर से यह नोटिस जारी किया गया। नोटिस में पार्षदों से पूछा गया है कि वे लंबे समय से नगरपालिका के कार्यों में अनुपस्थित क्यों रहे और उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई क्यों न की जाए। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में बारासात नगर पालिका के चेयरमैन समेत कई पार्षद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के कुछ अन्य पार्षदों के भी इस्तीफा देने से नगरपालिका के प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ा है। इससे नागरिक सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। नगरपालिका प्रशासन का कहना है कि नियमित प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाए रखने तथा आम लोगों को निर्बाध नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद बारासात के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। एक के बाद एक इस्तीफों के बीच अब चेयरमैन समेत 34 पार्षदों को शोकॉज नोटिस जारी होने से नगरपालिका की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक स्थिति पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले में बारासात के भाजपा विधायक शंकर चटर्जी ने कहा कि जनता ने बेहतर नागरिक सेवाओं की उम्मीद में पार्षदों को चुना था, लेकिन कई जनप्रतिनिधियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन करने के बजाय इस्तीफा दे दिया या लंबे समय से अनुपस्थित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बढ़ते असंतोष और काम के दबाव से बचने के लिए कुछ पार्षद जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे हालात में प्रशासन द्वारा शोकॉज नोटिस जारी किया जाना पूरी तरह उचित और आवश्यक कदम है।