

सिलीगुड़ी : अंडरग्राउंड केबलिंग बिछाने का काम शुरू होने के बावजूद सिलीगुड़ी शहर में ओवरहेड तारों की उलझन अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। इस समस्या के समाधान के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम पिछले दो वर्षों से चरणबद्ध तरीके से विभिन्न इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों, केबल टीवी ऑपरेटरों और बीएसएनएल के साथ कई बार बैठक कर चुका है। हर बैठक में संबंधित कंपनियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि ओवरहेड तार हटाकर उन्हें जमीन के नीचे ले जाना होगा। हालांकि बिजली वितरण कंपनी ने कई इलाकों में अपना काम पूरा कर लिया है, लेकिन अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों की ओर से अब तक अपेक्षित पहल नहीं की गई है।
इसी कारण शुक्रवार को सिलीगुड़ी नगर निगम में एक बार फिर बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी कंपनियों को अगले तीन महीनों के भीतर सभी ओवरहेड तार हटाने का निर्देश दिया गया।
बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल पूरे शहर से ओवरहेड तारों की समस्या तुरंत खत्म होना मुश्किल है। कई केबल टीवी सेवा प्रदाताओं ने साफ तौर पर कहा कि उनके लिए जमीन के नीचे तार ले जाने का खर्च वहन करना संभव नहीं है। वहीं, इंटरनेट सेवा प्रदाता और बड़ी केबल कंपनियों का कहना है कि अंडरग्राउंड केबल डालने के लिए फिर से सड़क खुदाई करनी पड़ेगी। ऐसे में बार-बार सड़क खोदने और उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी होगी, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मुद्दे पर सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने कहा कि शहर में किसी भी तरह के ओवरहेड तार नहीं रखे जाएंगे। सभी संबंधित संस्थाओं को इसकी जानकारी दे दी गई है। बीएसएनएल को भी अपने अनुपयोगी सामान हटाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में पुराने खंभे हटाकर नए बिजली के खंभे लगाए जाएंगे।
वहीं, नगर निगम के विपक्षी नेता अमित जैन ने कहा कि विभिन्न विभागों और कंपनियों के बीच समन्वय की कमी के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले ही इन कंपनियों को तार हटाने के लिए बाध्य क्यों नहीं किया गया। अब यदि वे सहमत भी होते हैं, तो फिर से सड़क खुदाई करनी पड़ेगी।
फिलहाल सिलीगुड़ी के हिलकार्ट रोड, बागराकोट, विधान रोड, हाकिमपाड़ा, कॉलेजपाड़ा और सुभाषपल्ली इलाकों में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में बिजली की तारें जमीन के नीचे ले जाई जा चुकी हैं और कुछ इलाकों में एलटी लाइन का कनेक्शन भी दिया जा चुका है। लेकिन कई केबल टीवी और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं की ओवरहेड तारें अब भी बनी हुई हैं।
नगर निगम ने शुक्रवार की बैठक में इन कंपनियों को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि तीन महीने के भीतर सभी तार हटाने होंगे। अब यह देखना होगा कि इस जटिल समस्या के समाधान के लिए नगर निगम आगे क्या ठोस कदम उठाता है।