

काेलकाता : राज्य का बजट आज विधानसभा में पेश होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने बजट से पहले तृणमूल सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल को विकास के नाम पर सिर्फ दिखावा और वोट-बैंक की राजनीति मिली है। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि सरकार हर साल बड़े-बड़े वादों के साथ बजट पेश करती है, लेकिन आम लोगों के हाथ में अंततः केवल “लक्ष्मी भंडार” की 1,000 या 1,200 रुपये की सहायता ही आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि दामोदर नदी पर आज तक पुल क्यों नहीं बना, जबकि इससे बांकुड़ा, आसनसोल, पुरुलिया और झारखंड के लाखों लोगों को सीधा लाभ होता। स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अस्पतालों की इमारतें तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन वहां न डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त दवाइयां। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार विकास के लिए फंड देती है, लेकिन राज्य सरकार बॉर्डर फेंसिंग, एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं देती, जिससे विकास बाधित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि असली विकास वाला बजट 2026 के बाद भाजपा सरकार के आने पर ही बनेगा। वहीं ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट जाने पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह सब “वोट बचाने का ड्रामा” है। उनके अनुसार जब शिक्षकों की नौकरियां गईं, डीए रोका गया और चिटफंड पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तब ममता सरकार की इंसानियत कहां थी। अग्निमित्रा पाल ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब दिखावे से नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा विकास चाहती है और 2026 के बाद वही सच्चा विकास बजट देखने को मिलेगा।