पहाड़ में समतल का वाहन रोकने पर एक्शन तय

एक जिले में सभी पर्यटक गाड़ियां जा सकेंगी हर जगह : जिला प्रशासन - पहाड़–मैदान के पर्यटक वाहनों को लेकर विवाद पर प्रशासन का फैसला, पहाड़ के वाहन चालक फैसले से नाखुश
Administrative meeting with mountain drivers in Darjeeling
Administrative meeting with mountain drivers in Darjeeling
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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग जिले में पहाड़ और मैदानी इलाकों के सभी पर्यटक वाहनों को हर जगह आने-जाने की अनुमति होगी। यदि कहीं भी किसी तरह की बाधा उत्पन्न की गई तो प्रशासन कानून के तहत सख्त कार्रवाई करेगा। यह बात गुरुवार को दार्जिलिंग जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में साफ तौर पर कही गई। दार्जिलिंग के जिलाशासक मनीष मिश्रा ने कहा कि पहाड़ और मैदानी इलाकों के परिवहन और पर्यटन कारोबार से जुड़े सभी लोगों के साथ बैठक हुई है।

सभी को स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि सभी वाहन सभी स्थानों पर जा सकते हैं। हमें उम्मीद है कि अब कोई समस्या नहीं होगी। इस फैसले से जहां मैदानी इलाकों के परिवहन और पर्यटन व्यवसायी खुश नजर आए, वहीं पहाड़ी क्षेत्र के कारोबारियों में निराशा देखी गई। दार्जिलिंग एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल ऑपरेटर्स के अध्यक्ष प्रदीप लामा ने कहा कि बैठक से किसी तरह का समाधान नहीं निकल पाया। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पहाड़ और मैदानी इलाकों के पर्यटक वाहनों की आवाजाही को लेकर विवाद चल रहा था।

आरोप है कि कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों के वाहन चालक टाइगर हिल, सिटोंग और लामाहाटा जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जा रही मैदानी गाड़ियों को बीच रास्ते में रोक रहे थे। इस स्थिति को लेकर मैदानी इलाके के पर्यटन और परिवहन संगठनों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी। प्रशासन की ओर से समय पर ठोस कदम नहीं उठाए जाने से नाराज होकर मंगलवार को उन्होंने सिलीगुड़ी के महकमा शासक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों को लेकर बैठक आयोजित की।

दार्जिलिंग में जिलाशासक और सिलीगुड़ी में महकमा शासक कार्यालय में यह बैठक हुई। बैठक में दार्जिलिंग के अपर जिलाशासक (सामान्य) सुमित राय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मिल्टन दास, पर्यटन और परिवहन संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं सिलीगुड़ी से वर्चुअल माध्यम से महकमा शासक विकास रुहेला, डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) काजी शम्सुद्दीन अहमद सहित मैदानी क्षेत्र के व्यवसायी संगठनों के प्रतिनिधि जुड़े। बैठक में प्रशासन ने दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक ही जिले के भीतर सभी वाहन सभी जगह चल सकते हैं।

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को सूचना देनी होगी, ताकि कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जा सके। बैठक के बाद पर्यटन व्यवसायियों की ओर से सम्राट सान्याल और देवाशीष मैत्र ने बताया कि वे प्रशासन की भूमिका से संतुष्ट हैं और शुक्रवार से पहाड़ और मैदानी इलाकों में सामान्य रूप से वाहन परिचालन शुरू हो जाएगा।

हालांकि दार्जिलिंग एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल ऑपरेटर्स के अध्यक्ष प्रदीप लामा का कहना है कि बैठक में पहाड़ी वाहन चालकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना गया। उनका आरोप है कि सिलीगुड़ी से बड़ी संख्या में गाड़ियां पैकेज टूर के तहत पहाड़ों में आकर सभी दर्शनीय स्थलों तक चली जाती हैं, जिससे स्थानीय पहाड़ी वाहन चालकों को काम नहीं मिल पा रहा और उनकी रोज़ी-रोटी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करता, तो बेहतर समाधान निकल सकता था।

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