

राजेश, सन्मार्ग संवाददाता
मिदनापुर : मिदनापुर जिला अदालत ने अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) सुमित रॉय को आठ दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। सीआईडी ने शालबनी ज़मीन भ्रष्टाचार मामले में उन्हें अपनी कस्टडी में लेने के लिए अर्जी दी थी। जिसे अदालत ने मंज़ूर कर ली। सूत्रों के अनुसार सुमित की अग्रिम जमानत की अर्जी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई थी। इसके तुरंत बाद, सीआईडी और एसटीएफ के अधिकारी अभिषेक के पीए को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को जब सुमित को मिदनापुर अदालत में में पेश किया गया तो सुरक्षा के बहुत बड़े इंतज़ाम किए गए थे। जैसे ही सुमित को कोर्ट लाए जाने की खबर फैली, वहां आम लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। कोर्ट में कई जिज्ञासु लोग जमा हो गए। मालूम हो कि पूर्व तृणमूल विधायक सुजॉय हाजरा को इससे पहले शालबनी ज़मीन भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच करने वालों के मुताबिक, सुमित का नाम उससे पूछताछ के बाद ही सामने आया। पुलिस का आरोप है कि सरकारी ज़मीन का कैरेक्टर बदलने और नकली कागजात बनाकर उसे प्राइवेट प्रॉपर्टी के तौर पर बेचने में एक गैंग एक्टिव था। इस मामले में सुमित की भूमिका की जांच की जा रही है। सरकारी वकील सैयद नाज़िम हबीब ने बताया कि इस मामले में सुजॉय हाज़रा के खिलाफ आईपीएन की धारा 420, 467, 468, 471, 472, 473, 406, 409 और 120(B) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके मुताबिक, सुमित के खिलाफ भी यही धाराएं लगाई गई हैं। सरकारी वकील का दावा है कि इन धाराओं में धोखाधड़ी, जालसाजी, नकली दस्तावेज का इस्तेमाल और सरकारी ज़मीन अपने नाम पर हड़पने जैसे कई चार्ज शामिल हैं। जांच में पता चला है कि सुमित के बैंक अकाउंट में भारी मात्रा में कैश जमा किया गया था। सीआईडी पूछताछ के ज़रिए सब कुछ पता लगाने की कोशिश करेगी।