हाबरा में 40 फीट की गणेश प्रतिमा होगी आकर्षण का केंद्र

दो टन मिट्टी से तैयार हो रही भव्य प्रतिमा
हाबरा में 40 फीट की गणेश प्रतिमा होगी आकर्षण का केंद्र
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हाबरा : हाबरा में इस बार गणेश पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को गणपति का भव्य और अनोखा स्वरूप देखने को मिलेगा। हाबरा के पल्लीमंगल समिति परिसर में करीब 40 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा तैयार की जा रही है, जो पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। विशाल प्रतिमा को आकार देने में कलाकारों की टीम करीब दो महीने से दिन-रात जुटी हुई है। करीब दो टन मिट्टी से तैयार की जा रही प्रतिमा का ढांचा लगभग पूरा हो चुका है और अब रंग-रोगन व सजावट का काम बाकी है। आयोजकों के मुताबिक, प्रतिमा के लिए करीब 45 फीट ऊंचा पंडाल भी तैयार किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह उत्तर 24 परगना जिले की सबसे ऊंची गणेश प्रतिमाओं में से एक होगी। महाराष्ट्र के भव्य गणेश उत्सव से प्रेरणा लेकर हाबरा क्विक रिस्पॉन्स टीम इस पूजा का आयोजन लगातार दूसरे वर्ष कर रही है। प्रतिमा निर्माण की जिम्मेदारी कलाकार शंकर कुमार पाल और उनकी टीम को दी गयी है। टीम को दूसरे राज्यों में बड़ी और लंबी गणेश प्रतिमाएं तैयार करने का अनुभव है। इसी वजह से आयोजकों ने उनसे संपर्क कर इस बार की प्रतिमा तैयार करने का जिम्मा सौंपा। बारिश के कारण काम में कुछ बाधा जरूर आयी, लेकिन कलाकारों को निर्धारित समय तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। वहीं प्रतिमा का आकार देखने के लिए अभी से स्थानीय लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है। आयोजकों के अनुसार, उनकी संस्था से करीब पांच हजार सदस्य जुड़े हैं। इस बार पूजा को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धालुओं के लिए भोग-प्रसाद की व्यवस्था भी की जाएगी। आयोजकों ने बताया कि पूजा का बजट लाखों रुपये का है। प्रतिमा के आकार को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से बड़ा लड्डू तैयार करने की भी योजना है। पूजा के उद्घाटन के लिए राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को आमंत्रित किये जाने की बात आयोजकों ने कही है। आयोजन को लेकर इलाके की महिलाओं में भी खासा उत्साह है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। क्विक रिस्पॉन्स टीम के स्वयंसेवकों के साथ पुलिस की मदद लेने की तैयारी है। टीम के अध्यक्ष संजय दे ने बताया कि पूजा के दौरान आने वाले लोगों की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के लिए पहले से तैयारी की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि बंगाल में गणेश उत्सव को अलग पहचान देने और लोगों को कुछ नया देखने का अवसर देने के उद्देश्य से इस बार प्रतिमा को इतना विशाल रूप दिया गया है। पूजा समाप्त होने के बाद प्रतिमा का परिसर में ही होज पाइप की मदद से विसर्जन करने की योजना है।

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