

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर भाजपा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार तुष्टीकरण की राजनीति के जरिए समाज में विभाजन पैदा कर रही है और हिंदू समाज को डराने की कोशिश कर रही है।
सॉल्टलेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने राज्य की राजनीतिक स्थिति तथा पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा की चल रही परिवर्तन यात्रा को राज्य के विभिन्न जिलों में जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है।
इस अभियान के माध्यम से पार्टी पश्चिम बंगाल के करोड़ों लोगों के साथ सीधे जुड़ने में सफल हुई है और लोगों में राजनीतिक बदलाव की मांग लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक हालिया बयान की कड़ी आलोचना करते हुए देबजीत सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि “हम हैं इसलिए आप सुरक्षित हैं, हम नहीं रहेंगे तो एक कम्युनिटी अगर एकजुट हो जाए तो एक सेकंड में 12 बजा देगी” बेहद गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान देकर मुख्यमंत्री हिंदू समाज को डराने तथा तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने इस बयान को लेकर चुनाव आयोग और देश के सर्वोच्च न्यायालय से भी हस्तक्षेप करने की मांग की। देबजीत सरकार ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद दक्षिण 24 परगना में एक भाजपा कार्यकर्ता को गोली मार दी गई।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि यदि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आती है तो पहले 45 दिनों के भीतर कई अहम फैसले लिए जाएंगे। इनमें सातवें वेतन आयोग का गठन, राज्य सरकार के कर्मचारियों को बकाया डीए का भुगतान, समाप्त किए गए लगभग 2.5 लाख सरकारी पदों की बहाली तथा करीब 6 लाख रिक्त पदों को भरना शामिल है। साथ ही नौकरी के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने की भी बात कही गई।
इस दौरान उन्होंने आगामी 14 तारीख को ब्रिगेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित विशाल जनसभा का उल्लेख करते हुए लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया।