EDITORS CUT: कब तक बेगारी करेंगे शिक्षक, शिक्षकों को सम्मान कब?

स्कूलों की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षक आज भी अस्थायी नियुक्ति, मानदेय और सम्मान की कमी से जूझ रहे हैं, सरकारों के वादों और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई बनी हुई है

शिक्षक समाज की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन आज सवाल यह है कि आखिर कब तक शिक्षक गैर-शैक्षणिक कामों का बोझ उठाते रहेंगे? क्या शिक्षकों को उनके मूल काम—शिक्षण—पर ध्यान देने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए? और शिक्षकों को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान कब मिलेगा? EDITORS CUT में इसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा—शिक्षकों की जिम्मेदारियां, गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव और शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका पर उठते सवाल। देखिए पूरा EDITORS CUT और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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