

श्रावस्ती : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पहली प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग युवाओं को जानबूझकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक प्रदेश के करीब नौ लाख युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं।
श्रावस्ती में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अब नियुक्तियां केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर हो रही हैं, जिससे प्रदेश के दूरदराज और पिछड़े जिलों के युवाओं को भी समान अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज श्रावस्ती जैसे जिले का युवा भी अपनी मेहनत के बल पर नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार का प्रभाव रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय 'चाचा-भतीजे की जोड़ी' और 'सैफई सिंडिकेट' का दबदबा था तथा पर्ची और खर्ची के आधार पर नियुक्तियां होती थीं।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में भर्ती प्रक्रियाओं पर न्यायालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले दिन से अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
उनके अनुसार, आज उत्तर प्रदेश में माफिया का आतंक समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि कभी आकांक्षी जिला रहा श्रावस्ती अब प्रेरणादायी जिला बनकर नई पहचान स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में छांगुर के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा उसके अवैध और अनैतिक कारोबार पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि अब छांगुर और उसके सहयोगियों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जो भी बेटी की सुरक्षा या व्यापारियों के हितों पर हमला करेगा, उसके लिए कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए केवल दो ही स्थान हैं—जेल या जहन्नुम।