UP SIR : दावे-आपत्ति अवधि में नाम जोड़ने के लिए करीब 70 लाख, हटाने के लिए 2.68 लाख प्रपत्र मिले
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत 6 जनवरी से 6 मार्च के बीच मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए प्रपत्र 6 के माध्यम से 70.69 लाख से अधिक दावे और प्रपत्र 7 के माध्यम से 2.68 लाख आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने शनिवार को यह जानकारी दी।
रिनवा ने यहां लोक भवन में कहा कि दो महीने के दावे और आपत्ति अवधि के दौरान 70,69,810 प्रपत्र 6 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 35,72,603 प्रपत्र महिलाओं और 34,96,911 प्रपत्र पुरुषों द्वारा प्रस्तुत किए गए। यह दर्शाता है कि महिलाओं के आवेदनों की संख्या पुरुषों से अधिक है। तृतीय लिंग मतदाताओं द्वारा 296 आवेदन प्रस्तुत किये गये।
उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर, 2025 से (जब पुनरीक्षण प्रक्रिया की घोषणा की गई थी) राज्य को 86,69,073 प्रपत्र 6 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें पुरुषों से मिले 43,06,364, महिलाओं से मिले 43,62,323 और तीसरे लिंग के मतदाताओं से मिले 386 आवेदन शामिल हैं।
रिनवा ने नामावलियों से नाम हटाने की आपत्तियों के संबंध में कहा कि 6 जनवरी से 6 मार्च के बीच 2,68,682 प्रपत्र 7 आवेदन जमा किए गए थे। इनमें से 1,58,027 प्रपत्र पुरुष मतदाताओं, 1,10,645 प्रपत्र महिला मतदाताओं और 10 प्रपत्र तीसरे लिंग के मतदाताओं के नाम हटाने के संबंध में हैं।
उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर, 2025 से छह मार्च, 2026 तक कुल 3,18,140 प्रपत्र 7 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें पुरुष मतदाताओं के लिए 1,86,362, महिला मतदाताओं के लिए 1,31,766 और तीसरे लिंग के मतदाताओं के लिए 12 आवेदन शामिल हैं।
रिनवा ने कहा कि छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाता थे, जिनमें 6.88 करोड़ पुरुष (54.8 प्रतिशत), 5.67 करोड़ महिलाएं (45 प्रतिशत) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता (0.01 प्रतिशत) शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए है जिनके विवरण के सत्यापन की आवश्यकता है। अब तक, लगभग 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने राज्य भर में 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की और मतदाताओं की सहायता के लिए सहायता डेस्क स्थापित किए।
उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारियों ने भी घरों का दौरा किया और एक मोबाइल ऐप्लिकेशन का उपयोग करके सत्यापन किया। रिनवा ने कहा, लगभग 14 प्रतिशत सुनवाई अब भी लंबित है, लेकिन काम की मौजूदा गति को देखते हुए प्रक्रिया 27 मार्च की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।

