सफेद आटे का काला खेल

गेहूं में पत्थर का चूरा मिलाकर परोसी जा रही मिलावट, जांच तेज
Firozabad
आटे में मिलावट
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फिरोजाबाद : रोटी बनाने वाला आटा अब लोगों की सेहत के लिए खतरा बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में गेहूं के आटे में सेलखड़ी (पत्थर का मुलायम चूरा) मिलाने का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में खाद्य एवं औषधि विभाग सतर्क हो गया है।

आगरा समेत कई जिलों में आटा मिलों की जांच अभियान तेज कर दिया गया है। बीते एक सप्ताह के दौरान लगभग 30 आटा मिलों से 35 से अधिक नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी मिल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


फिरोजाबाद में खुला मिलावट का बड़ा खेल

हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फिरोजाबाद के रजावली क्षेत्र स्थित एक आटा मिल पर छापेमारी के दौरान करीब 30 किलोग्राम सेलखड़ी बरामद की। जांच में सामने आया कि इसे गेहूं के साथ पीसकर एक ब्रांडेड नाम से बाजार में बेचा जा रहा था।

अधिकारियों के अनुसार यह सेलखड़ी आगरा से मंगाई जाती थी। मामले में मिल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

कई आटा मिलों के नमूने जांच के लिए भेजे गए

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि विभाग ने पूरे प्रदेश में आटा मिलों की जांच के निर्देश दिए हैं। आगरा में भी कई मिलों पर कार्रवाई की गई है। एक प्रतिष्ठान से बड़ी मात्रा में पैक किया गया आटा सील किया गया, जबकि कई स्थानों पर गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी मिला।

अधिकारियों का कहना है कि अब तक आटे में चावल के चूरे जैसी मिलावट के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन सेलखड़ी मिलाने का मामला पहली बार उजागर हुआ है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि खराब गुणवत्ता वाले गेहूं से बने आटे का रंग सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए सेलखड़ी का इस्तेमाल किया जाता है।

घर पर ऐसे करें मिलावटी आटे की पहचान

खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं को आटे की शुद्धता जांचने के कुछ आसान तरीके भी बताए हैं। एक कटोरी आटे में नींबू की कुछ बूंदें डालने पर यदि बुलबुले बनने लगें तो मिलावट की आशंका हो सकती है।

इसी तरह पानी से भरे गिलास में आटा मिलाने पर यदि वह तुरंत नीचे बैठ जाए तो सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा हथेली पर आटा रगड़ने पर यदि वह सामान्य से अधिक चिकना महसूस हो, तो उसकी गुणवत्ता संदेह के घेरे में आ सकती है।

विभाग ने लोगों से केवल भरोसेमंद ब्रांड या विश्वसनीय दुकानों से ही आटा खरीदने और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को देने की अपील की है।

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