अमेठी : अमेठी में छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित एक शिक्षा ऐप्लिकेशन के माध्यम से मुफ्त डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक संसाधनों को अधिक सुलभ बनाना है।
यह पहल शुक्रवार शाम को जैपटिक एआई ऐप और जिला-आधारित गैर सरकारी संगठन (NGO) ‘मटियारी मानव सेवा संस्थान’ के प्रतिनिधियों द्वारा जिले में शुरू की गई।
कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इस सुविधा का उद्देश्य प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण उपकरणों के माध्यम से छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं, सामान्य अध्ययन और विभिन्न शैक्षणिक विषयों की तैयारी में मदद करना है।
‘जैपटिक AI ऐप’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मंच को उन छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिजाइन किया गया है जिनके पास गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और शैक्षिक मार्गदर्शन तक आसान पहुंच नहीं है।
सिंह ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को अक्सर आधुनिक अध्ययन सामग्री तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हमारा उद्देश्य एक ‘स्मार्ट’ और सरल शिक्षण प्रणाली प्रदान करना है जो छात्रों को प्रभावी ढंग से अध्ययन करने और उनमें आत्मविश्वास जगाने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि AI-आधारित शिक्षा प्रणाली तीन क्षेत्रों पर केंद्रित है- एक शिक्षण मंच, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और सामुदायिक शिक्षा। अमेठी में छात्र ऐप्लिकेशन डाउनलोड करके और एक निर्धारित पासवर्ड दर्ज करके मुफ्त सुविधा का उपयोग कर सकेंगे।
इस पहल से डिजिटल उपकरणों के माध्यम से सीखने में सहायता प्रदान करके विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की तैयारी करने वाले छात्रों को लाभ होने की उम्मीद है।
‘मटियारी मानव सेवा संस्थान’ के अध्यक्ष और पूर्व BJP विधायक चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा, शिक्षा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रौद्योगिकी सीखने के अवसरों में अंतर को पाटने में मदद कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान और ऐप डेवलपर के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह सुविधा 21 जून से पूरे अमेठी जिले में चालू हो जाएगी और डाउनलोड के लिए मोबाइल के ‘प्लेस्टोर’ पर उपलब्ध होगी।