SIR विवाद : योगी ने अपात्र नाम हटाने को बताया देशहित

मुख्यमंत्री ने एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य', युवाओं से की खास अपील
योगी आदित्यनाथ
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में अवैध रूप से दर्ज अपात्र नामों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाना भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य है। साथ ही, सीएम योगी ने युवाओं से भी खास अपील की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, भारत युगों से लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षक रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अपने लोकतांत्रिक विरासत को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट प्रविष्टियों का नियमानुसार सत्यापन आवश्यक है।

उन्होंने आगे लिखा, सभी जागरूक मतदाता ध्यान रखें कि मतदाता सूची में अवैध रूप से दर्ज अपात्र नामों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाना भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य है।

योगी ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, मेरी अपील है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे प्रत्येक युवा साथी अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं। आइए, शुद्ध, सशक्त और पारदर्शी मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री योगी ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देशभर में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलनरत हैं। दिल्ली में भी जंतर-मंतर पर बीते दिन प्रदर्शन हुआ। विपक्ष सीईसी ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर के जरिए लोगों के नाम हटाने और भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहा है।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चुनावों की निष्पक्षता से समझौता किया है। साथ ही, विपक्ष ने एसआईआर को रद्द करने की मांग की है। हालांकि, सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

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