प्रेमानंद महाराज को झुकना पड़ा महिलाओं के आगे, बंद हो गई पद यात्रा

प्रेमानंद महाराज की पद यात्रा स्थगित
प्रेमानंद महाराज को झुकना पड़ा महिलाओं के आगे, बंद हो गई पद यात्रा
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नई‌ दिल्ली - प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अब रात में अपने भक्तों को दर्शन नहीं देंगे। कॉलोनीवासियों द्वारा विरोध जताने के बाद श्री राधा केलिकुंज आश्रम ने यह निर्णय लिया है।

संत प्रेमानंद हर रात दो बजे श्रीकृष्‍ण शरणम् स्थित अपने ‌आवास से‌ निकलकर रमणरेती स्थित श्री राधा केलिकुंज तक पदयात्रा करते थे। अब वह ऐसा नहीं करेंगे। रात को उनकी यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु रास्ते में खड़े होकर उनका इंतजार करते थे। उनकी एक झलक के लिए सड़क पर भीड़ जमा हो जाती थी।

बढ़ती भीड़ बनी वजह

आश्रम ने यह सूचना दी है कि यह पद यात्रा बढ़ती भीड़ को देखते हुए अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित कर दी गई है। असल में रास्ते में आने वाली कॉलोनियों के निवासियों ने देर रात होने वाले शोरगुल और ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाल ही में विरोध जताया था। इस वजह से यह कदम उठाया गया।

महिलाओं ने कि थी मांग

हाल ही में एनआरआई ग्रीन कॉलोनी और आसपास के इलाके के लोगों ने रात की पदयात्रा को लेकर आपत्ति जताई थी। 3 फरवरी को कॉलोनी की महिलाओं ने इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने मांग की‌ कि प्रेमानंद महाराज को लोगों की भलाई के लिए यात्रा बंद कर देनी चाहिए।

विरोध कर रही महिलाओं का कहना था कि भजन-कीर्तन की तेज आवाज और पटाखों की गूंज से बुजुर्गों को दिक्कत होती है। कई महिलाओं ने यह दावा किया कि वह स्कूल में पढ़ाती हैं और रात को नींद ठीक तरह से पूरी ना हो पाने के कारण वह सुबह स्कूल समय से नहीं जा पातीं।

आश्रम ने दी सफाई

आश्रम ने बयान जारी करते हुए कहा कि पदयात्रा के दौरान सड़क किनारे किया जाने वाला भजन कीर्तन संत प्रेमानंद के अनुयायियों की ओर से आयोजित नहीं होता। कई बार मना करने के बाद भी लोग लाउडस्पीकर का इस्तेमान करते हैं। आश्रम की ओर से हमशा यह अपील की जाती है कि ध्वनि प्रदूषण से बचा जाए।

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