लखनऊ और अमेठी में लगाये गये 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर, अखिलेश यादव पर निशाना

पोस्टर में लिखा है 'आप को क्या चाहिए ? अखिलेश का ल्यारी राज।'
अमेठी समेत कई स्थानों पर लगे ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के पोस्टर से सियासी घमासान
अमेठी समेत कई स्थानों पर लगे ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के पोस्टर से सियासी घमासान
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लखनऊ/अमेठी : उत्तर प्रदेश में अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले लखनऊ और अमेठी में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए, बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर और होर्डिंग लगाये गये हैं। इससे एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक कथित संगठन द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमेठी रेलवे स्टेशन परिसर सहित विभिन्न चौराहों पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है 'आप को क्या चाहिए ? अखिलेश का ल्यारी राज।'

यहां 'ल्यारी' का संदर्भ पाकिस्तान के कराची शहर के उस इलाके से जोड़ा गया है जो कभी गैंगवार और हिंसा के लिए कुख्यात रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' में भी इस इलाके का उल्लेख किया गया है।

होर्डिंग में एक ओर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में हुई कथित हिंसा और दंगों का जिक्र किया गया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में माफिया और अपराधियों पर हुई कार्रवाई का विवरण दिया गया है।

होर्डिंग पर 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक संगठन का नाम भी प्रमुखता से अंकित है, साथ ही संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष, महामंत्री और प्रतापगढ़ प्रभारी के नाम व फोटो भी लगाए गए हैं।

इस बीच, सपा ने ऐसे पोस्टर लगाये जाने की निंदा की है। सपा के जिला प्रवक्ता, अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी सरकार की हताशा और निराशा का प्रमाण है।

उन्होंने कहा, दीपक बुझने से पहले कई रूपों में नजर आता है। भारतीय जनता पार्टी का दीपक बुझने वाला है। BJP की सरकार को इस बात का एहसास हो चुका है कि अब उनकी वापसी नहीं होने वाली है इसलिए उनके वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। जनता सब समझती है।

उधर, अमेठी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रवि सिंह ने कहा कि ऐसे पोस्टर लगाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। पुलिस टीम को भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।

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