काकोरी शहीदों की प्रतिमाएं ढहाने पर विपक्ष का हंगामा, प्रशासन पर मनमानी का आरोप

विपक्षी दलों ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
शहीदों की प्रतिमाएं ध्वस्त
शहीदों की प्रतिमाएं ध्वस्त
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शाहजहांपुर : शाहजहांपुर में सड़क निर्माण कार्य के दौरान कथित तौर पर बुलडोजर से ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के शहीदों की प्रतिमाएं ध्वस्त कर दी गईं, जिससे राजनीतिक आक्रोश फैल गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) सहित विपक्षी दलों ने मंगलवार को इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

नगर निगम कार्यालय के बाहर सड़क किनारे स्वतंत्रता सेनानियों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह की प्रतिमाएं स्थापित थीं, जिन पर जनप्रतिनिधि नियमित रूप से माल्यार्पण करते थे। आरोप है कि रविवार रात इन्हें गिरा दिया गया।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रतिमाओं को तोड़े जाने और उसके मलबे को कथित तौर पर कचरे में फेंकने का दृश्य देखा जा सकता है। इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

नगर निगम सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य में लगे एक ठेकेदार द्वारा यह कार्रवाई की गई। प्रतिमाओं को हटाने के बाद उनके अवशेष कथित रूप से कचरा निस्तारण स्थल पर डाले गए और स्थल पर लगी पट्टिकाएं भी बुलडोजर से हटा दी गईं।

सपा के जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने आरोप लगाया कि उनके नगर पालिका अध्यक्ष कार्यकाल में लगी उनके नाम की पट्टिका हटाने के उद्देश्य से प्रतिमाएं तोड़ी गईं। उन्होंने इसे 'शहीदों का अपमान' करार देते हुए प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण कभी भी शहीदों के सम्मान से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक समाचार साझा करते हुए इस घटना की निंदा की और इसे 'विचलित करने वाली मानसिकता' का परिचायक बताया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे।

राय ने आरोप लगाया कि BJP सरकार के नगर निगम ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह जैसे महान बलिदानियों की मूर्तियों पर बुलडोजर चलवा दिए। यह देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीरों और 145 करोड़ भारतीयों की भावनाओं पर सीधा आघात है। योगी सरकार को तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

इस बीच, अशफाकुल्ला खान के एक वंशज ने भी इस घटना को निंदनीय बताते हुए इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

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