

बाराबंकी : बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में चार नामजद समेत आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद अपनी नाबालिग की बेटी के साथ रह रही हिंदू महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि 2024 में फतेहपुर कोतवाली में तैनात कांस्टेबल आसिफ ने उनकी बेटी से संपर्क कर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का प्रयास किया।
महिला ने आरोप लगाया कि सिपाही ने फोन पर बार-बार धर्मांतरण का दबाव बनाया और पीड़िता के मना करने पर उसने उनकी आर्थिक स्थिति का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की व रुपयों का लालच देकर धर्मांतरण के लिए उकसाया।
आरोप लगाया कि इसके लिए कांस्टेबल आसिफ ने फतेहपुर कोतवाली के बसारा गांव के निवासी जावेद से बात करवाई, जो उस समय सऊदी अरब में रहता था। शिकायत के मुताबिक, जावेद ने ‘इंस्टाग्राम’ के जरिए पीड़िता से संपर्क साधकर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाना शुरू किया।
सऊदी अरब से वापस आने के बाद जावेद ने दो जनवरी 2026 को लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले और कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के अनुसार कुछ दिन पहले जावेद, अपने बहनोई रेहान और हमजा के साथ पीड़िता को मसौली बाजार स्थित एक मजार पर ले गया जहां एक मौलाना ने सात-आठ अन्य लोगों की मौजूदगी में पीड़िता का जबरन जावेद से निकाह करवा दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पीड़िता का बयान दर्ज कराया जा रहा है।
फतेहपुर थाना प्रभारी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि लड़की की मां की तहरीर पर चार नामजद और 8 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की सत्यता की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।