हत्या के दोषी जाट रेजिमेंट के सिग्नलमैन को उम्रकैद, बरेली अदालत ने सुनाई सजा

ली थी हवलदार की पत्नी की जान
न्याय
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बरेली : बरेली की एक अदालत ने जाट रेजिमेंट के सिग्नलमैन को अपने साथी सैनिक की पत्नी की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास और 22,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। एक वकील ने बुधवार को बताया कि सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने मंगलवार को साथी सैनिक मनोज सेनापति की पत्नी सुदर्शना सेनापति (35) की हत्या के जुर्म में नितेश पांडे को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।

अपर जिला सरकारी वकील (एडीजीसी) हेमेंद्र गंगवार ने बताया कि मामला 13 मार्च, 2023 का है। बरेली कैंट के यूवी एरिया सिग्नल रेजिमेंट के मेजर अनुभव मलिक ने पुलिस को सूचित किया था कि दोपहर करीब दो बजे उन्हें फोन पर सुदर्शना सेनापति की उनके क्वार्टर पर हत्या की सूचना दी गई।

गंगवार के अनुसार, मनोज सेनापति के पड़ोसी पांडे को शक था कि उनकी पत्नी का मनोज के साथ संबंध है। गुस्से में वह मनोज के घर गया और सुदर्शना से उसकी बहस हो गई। पांडे ने कथित तौर पर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वकील ने बताया कि कैंट थाने में मामला दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के दौरान नौ गवाह पेश किए।

वकील ने कहा कि मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) अदालत नंबर 3 ने गाजीपुर जिले के मूल निवासी नितेश पांडे को दोषी ठहराया और उसे सजा सुनाई। गंगवार ने कहा कि जुर्माना न भरने की स्थिति में पांडे को छह महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।

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