ब्रज में होली का उत्सव चरम पर, राधा-कृष्ण के प्रेम की छटा बिखरी

बरसाना व नन्दगांव की प्रसिद्ध लठामार होली भी आकर्षण का केंद्र
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मथुरा : देश के बाकी हिस्सों से पहले ही ब्रज क्षेत्र में होली का खुमार चरम पर पहुंच गया है।मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, नन्दगांव, गोकुल, महावन और बलदेव समेत समूचे ब्रज में हर तरफ रंग-गुलाल के साथ राधा और कृष्ण के अलौकिक प्रेम की छटा देखने का मिल रही है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी नाचते, गाते हुए रंगों के उत्सव का आनंद लेते देखा जा सकता है।

बरसाना व नन्दगांव की प्रसिद्ध लठामार होली भी आकर्षण का केंद्र है। फाल्गुन शुक्ल नवमी के दिन (25 फरवरी को) बरसाना में, तो दशमी के दिन (26 फरवरी) नन्दगांव में दोनों स्थानों के ‘हुरियारे’ एक-दूसरे के गांव में जाकर लठामार होली खेलते हैं। वृन्दावन के भी सभी मंदिरों में ठाकुरजी यानी भगवान श्रीकृष्ण के विग्रहों के संग गुलाल की होली खेली जा रही है।

रंगभरनी एकादशी (27 फरवरी) से वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर, राधा वल्लभ लाल, राधा रमण, राधा दामोदर, कृष्ण बलराम आदि सभी मंदिरों में टेसू के फूलों से बने रंगों से होली की शुरुआत हो जाएगी। तब से दर्शन करने आने वाले भक्तों पर प्रसाद रूप में यही रंग बरसाया जाएगा।

जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि रंगभरनी एकादशी से पांच दिवसीय होली महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। मंदिरों में फूलों, टेसू के रंग एवं गुलाल की होली खेली जाएगी और इस दौरान देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु वृन्दावन आएंगे।

कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता एवं सुलभ दर्शन के लिए व्यापक पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि लाखों भक्तों के आगमन को देखते हुए शहर में हर प्रकार के वाहन के प्रवेश पर देर रात से ही प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो पांच मार्च तक अनवरत जारी रहेगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नगर को चार जोन व आठ सेक्टरों में बांटकर 2,200 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को तैनात किया गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए 14 वॉच टावर व 20 अस्थाई पार्किंग बनाई गई हैं।

कुमार ने बताया कि नगर में नकली गुलाल और रंग बेचने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई है। खाद्य सुरक्षा विभाग मंदिरों के आसपास सैंपलिंग कर रहा है। परिक्रमा मार्ग में दस दल हुड़दंगियों पर नजर रखेंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी मंदिरों के खुलने व बंद होने के समय, पार्किंग, अस्पताल, पुलिस सेवा, निकटस्थ जनसुविधाओं आदि की जानकारी क्यूओर कोड के माध्यम से दी की जा रही है।

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