CM योगी ने बांग्लादेश का उठाया मुद्दा, कहा- लगता है किसी ने फेविकोल लगा दिया

धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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प्रयागराज : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि बांग्लादेश की घटनाओं पर इनके मुंह बंद हैं। मुख्यमंत्री यहां माघ मेला क्षेत्र में जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी महाराज के 726वें प्राकट्य उत्सव को संबोधित कर रहे थे।

संत समाज के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज को जोड़ने का कार्य करता है और जब संत समाज एक मंच पर आकर उद्घोष करता है तो उसका परिणाम भी सामने आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका उदाहरण है, जो पूज्य संतों की साधना और एकता से ही हुआ और जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मूर्त रूप दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, देश की आजादी के बाद कई प्रधानमंत्री हुए और सभी ने देश के विकास के बारे में सोचा, लेकिन भारत की मूल आत्मा को सम्मान मिलना चाहिए और अयोध्या में रामलला विराजमान हों, यह भाव केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भीतर था, जिन्होंने इसे साकार किया।

योगी ने कहा, मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो राम मंदिर में दर्शन करने गए, राम मंदिर के शिलान्यास में शामिल हुए, प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी उपस्थित रहे और मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद शुभ मुहूर्त में सनातन धर्म की ध्वज-पताका के आरोहण में भी भागीदार बने।

धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इन लोगों का बांग्लादेश की घटना पर मुंह बंद है। इनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है। ऐसा लगता है कि किसी ने इनके मुंह पर फेवीकोल चिपका दिया है। ऐसे लोगों द्वारा बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह हम सबके लिए एक चेतावनी भी है।

गंगा की निर्मलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिवेणी में स्नान की दिव्य अनुभूति हो रही है। मैंने भी यहां आकर सबसे पहले त्रिवेणी में डुबकी लगाकर मां गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कितना पावन जल है। आज से आठ-दस वर्ष पहले क्या इतना निर्मल जल उपलब्ध हो पाता था ? उन्होंने कहा, जब रामभक्त और गंगाभक्त देश की सत्ता में होता है, तभी ऐसे दिव्य अवसर प्राप्त होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, नमामि गंगे अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है और भारत माता का सच्चा सपूत ही ऐसा कार्य कर सकता है। यहां स्नान करने वाला प्रत्येक श्रद्धालु प्रधानमंत्री को आशीर्वाद दे रहा है।

विपक्षी नेताओं का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज भी समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं, वे कभी किसी के हितैषी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोगों को सत्ता में रहने का अवसर मिला, तब वे केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे और उससे आगे उनकी दृष्टि नहीं थी।

उन्होंने कहा, आज सत्ता से बाहर होने पर वे तरह-तरह के नारे दे रहे हैं, लेकिन यह वास्तविकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने आरोप, जब भी उन्हें मौका मिलेगा, वे पहचान का संकट खड़ा करेंगे, अराजकता फैलाएंगे, सनातन धर्म पर प्रहार करेंगे और दंगों की आड़ में समाज को झुलसाने का प्रयास करेंगे। किसी भी स्थिति में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम में स्वामी राम दिनेशाचार्य जी महाराज, रामानुजाचार्य जी महाराज, राघवाचार्य जी महाराज, सतुआ बाबा महाराज, परमार्थ निकेतन के चिदानंद सरस्वती, दिगंबर अखाड़ा के वैष्णव दास जी महाराज प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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